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नमस्कार दोस्तों मैं एक हिमाचली ब्लॉगर (Himachali Blogger) हुं और मैंने अपनी बलौग इसलिये बनाई है ताकि हिंन्दी भाषा का प्रचार कर सकं ताकि सभी हिन्दी भाषा में ब्लॉगिंग करें व हिन्दी को अपना गौरव मान मर्यादा माने। www.imdishu.com हिमाचल में इकलौती एैसी Blog/Website है जो नियमित पोस्ट करती है व नया लाती है तोकि हमारे हिमाचली भाई व समस्त भारतीय कुछ अच्छा पढ़ सके। जय हिंद जय भारत। #Imdishu #Hindi Blogs

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17/11/2017

महिलाओं की सुरक्षा के लिये सबसे आसान उपाय - Save Girls

1. Damini

अगर यह ऐप आपके मोबाइल में है, तो किसी भी खतरे के वक्त इसके जरिए आपके रजिस्टर्ड नंबरों पर मेसेज चले जाएंगे। थोड़ी-थोड़ी देर में आपकी जीपीएस लोकेशन भी इन नंबरों तक जाती रहेगी। इतना ही नहीं, ऐप के एक बार ऐक्टिवेट होने के बाद यह जगह की फोटो खींचना भी शुरू कर देता है और इन्हें रजिस्टर्ड नंबरों पर तो भेजता है, साथ ही क्लाउड पर सेव भी करता जाता है। इसके बाद अगर मोबाइल फोन बंद हो जाए या तोड़ दिया जाए, तो भी मोबाइल से विडियो और कॉल डिटेल निकाली जा सकती है।
साइज : 1.1 MB
प्लैटफॉर्म : ऐंड्रॉयड
कीमत : फ्री

2. Circle of 6

यह वैसे तो खासतौर पर कॉलेज जाने वाली स्टूडेंट्स को ध्यान में रख कर डिजाइन किया गया है, लेकिन यह सभी महिलाओं के लिए यूजफुल साबित हो सकता है। किसी भी परेशानी की स्थिति में बस एक टैप करते ही आपके दोस्तों तक मदद का मेसेज चला जाएगा। यह ऐप हिंदी में भी उपलब्ध है और इसमें दिल्ली के हेल्पलाइन नंबर्स भी पहले से फीड हैं।
साइज : 12 MB
प्लैटफॉर्म : ऐंड्रॉयड
कीमत : फ्री

3. bSafe

इस ऐप की मदद से आप संकट की स्थिति में फैमिली मेंबर या करीबी लोगों को अलर्ट कर सकते हैं। इसमें फैमिली मेंबर्स या करीबी लोगों के नंबर्स फीड करने होते हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर एक बटन दबाते ही मेसेज चला जाएगा। साथ ही, अपने आप कॉल भी चली जाएगी। इसका रिस्क मोड ऑन करके आप अपनी जीपीएस लोकेशन को दिए हुए नंबर से शेयर कर सकते हैं।
साइज : 5.9 MB
प्लैटफॉर्म : ऐंड्रॉयड, आईओएस और ब्लैकबेरी
कीमत : फ्री4.

4. Scream Alarm!

इस ऐप की सरलता ही इसकी खासियत है। यह तेज आवाज निकालने वाला ऐप है। किसी भी तरह का खतरा होने पर आप एक बटन दबाकर औरत की चीख जैसी तेज आवाज पैदा कर सकते हैं। यह आवाज आस-पास के लोगों को अलर्ट कर देती है।
साइज : 951 KB
प्लैटफॉर्म : ऐंड्रॉयड
कीमत : फ्री

5. SafetiPin

यह महिलाओं की सुरक्षा को एक खास तरीके से सुनिश्चित करने की कोशिश है। यह एक ऐसा प्लैटफॉर्म है, जहां लोग अपने इलाके की ऐसी जगहों के बारे में जानकारी देते हैं, जो महिलाओं के लिहाज से सेफ नहीं हैं। लोग इस ऐप पर उन जगहों की तस्वीरें शेयर कर सकते हैं और उन्हें सेफ्टी के लिहाज से रेट कर सकते हैं। ऐप यह भी जानने में मदद करता है कि कौन-सी जगह रात में या दिन के किसी पहर में सेफ नहीं है।
साइज : 6.4 MB - 20.3 MB
प्लैटफॉर्म : आईओएस, ऐंड्रॉयड
कीमत : फ्री

6. SmartShehar Woman Safety Shield Protection

इस ऐप से तस्वीर ली जा सकती हैं। इमर्जेंसी बटन दबाते ही उस तस्वीर के साथ लोकेशन की जानकारी पहले से चुने गए इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट्स को चली जाएगी। अगर इसे भेजने से पहले आपका फोन खो भी गया, तो परेशान मत होइए। ऐप कुछ ही सेकंड्स में अपने-आप सारी जानकारी भेज देगा। इसमें 'वॉक विद मी' फीचर से पहले से तय लोग रीयल टाइम में आपकी मूवमेंट्स ट्रैक कर सकेंगे।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड

7. VithU: V Gumrah Initiative

फोन के पावर बटन को दबाकर इसे ऐक्टिवेट किया जा सकता है, जिससे इमर्जेंसी के लिए पहले से तय कॉन्टैक्ट्स के पास "I am in danger. I need help. Please follow my location" अपडेटेड लोकेशन के साथ हर 2 मिनट पर मेसेज जाते रहेंगे।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड

8. Suspects Registry - FOR WOMEN

यह भी लोकेशन ट्रैक करता है। पैनिक अलार्म बटन को दबाने पर इमर्जेंसी कॉन्ट्रैक्ट्स के पास 1 मिनट की रिकॉर्डिंग के साथ आपकी लोकेशन की जानकारी चली जाएगी। "Record Any Incident" फीचर ऐप के फेसबुक पेज पर तस्वीरें अपलोड कर देता है।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड

9. Pukar-A Personal Safety App

पहले से तय इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट्स के पास थोड़ी-थोड़ी देर पर जीपीएस लोकेशन के साथ SMS अलर्ट जाता रहता है। फोन पर किसी का ध्यान न जाए, इसके लिए इस दौरान फोन से कोई आवाज नहीं आती और स्क्रीन की ब्राइटनेस भी कम रहती है।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड

10. Women Safety Help Totem SOS

इसमें खतरे के लेवल के हिसाब से मोड चुने जा सकते हैं। सुरक्षित महसूस करने पर हरा चुनें। जब तय न कर पा रही हों, तो पीला चुनें, इससे केवल आपकी जीपीएस लोकेशन कुछ-कुछ देर पर पहले से तय कॉन्टैक्ट्स के पास जाएगी। रेड मोड से 100 नंबर पर डायल हो जाएगा, आपकी लोकेशन इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट्स के पास चली जाएगी। इसके अलावा ऐप हर 10 सेकंड पर तस्वीरें लेगा और ऑडियो रिकॉर्ड करेगा।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड

11. Raksha - Women Safety Alert

इसमें बिना ऐप पर जाए केवल वॉल्यूम बटन दबाने से आपकी लोकेशन इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट्स के पास चली जाएगी। जहां मोबाइल इंटरनेट न हो, वहां 100 नंबर पर कॉल चली जाएगी और SMS चले जाएंगे।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड और आईओएस

12. iGoSafely - Personal Safety App

एक बार ऐक्टिवेट होने के बाद फोन झटकने या हेडफोन निकालने पर यह आपके कॉन्टैक्ट्स को अलर्ट कर देगा। जीपीएस लोकेशन के साथ ईमेल और टेक्स्ट मेसेज चले जाएंगे। जब तक बंद न कर दिया जाए, तब तक हर मिनट पर अपडेट्स जाते रहेंगे। हर अलर्ट मेसेज में जीपीएस लोकेशन, स्ट्रीट अड्रेस (अगर उपलब्ध हो) और 30 सेकंड की ऑडियो रेकॉर्डिंग होती है।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड

13. Smart24x7-Personal Safety App

यह पैनिक अलर्ट से इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट्स को जानकारी भेजता है, जिसमें उस हालत की ऑडियो रेकॉर्डिंग और तस्वीरें भी होती हैं। इन्हें पुलिस को भी भेजा जाता है। इसका कॉल सेंटर और यूज़र का प्राइमरी कॉन्टैक्ट मूवमेंट ट्रैक कर सकता है।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड, आईओएस, विंडोज़ और ब्लैकबेरी

14. Women Safety Secured

यह ऐप चीखने-चिल्लाने को खतरे के सिग्नल के तौर पर लेता है और इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट्स को लोकेशन व टेक्स्ट मेसेज भेजता है।
प्लैटफॉर्म: ऐंड्रॉयड

15. Women's Safety App

इस ऐप में 'शेक ऐंड अलर्ट' का फीचर है, जिसे ऑन करने के बाद फोन को झटका देने पर इमर्जेंसी कॉन्टैक्ट्स को अलर्ट चला जाएगा। यह अलर्ट अपने आप कहीं फोन को झटना लगने पर न चला जाए, इसलिए आप झटका लगने की तीव्रता भी तय कर सकती हैं।

टीमव्यूअर: कहीं और से कंट्रोल करें अपना कंप्यूटर और स्मार्टफोन

टीमव्यूअर: कहीं और से कंट्रोल करें अपना कंप्यूटर और स्मार्टफोन


दूरी को पाटने में ऐप बड़े मददगार हो रहे हैं। कहीं दूर बैठकर अगर आप किसी और के कंप्यूटर या स्मार्टफोन का ऐक्सेस चाहते हैं या किसी दूर बैठे शख्स को अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन का ऐक्सेस देना चाहते हैं, तो टीमव्यूअर ऐप आपकी मदद कर सकता है।
कंप्यूटर में कोई खास सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने या थोड़ी जटिल किस्म की सेटिंग्स करने आया कंप्यूटर इंजिनियर फोन पर अपने सीनियर से बात करता है और आप देखते हैं कि वह कंप्यूटर पर एक नया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करता है, जिसके बाद आपके कंप्यूटर का कंट्रोल दूर से ही उसका सीनियर करने लगता है। थोड़ी देर में वह खुद ज़रूरी सेटिंग्स कर देता है और आपका काम हो गया। वास्तव में यह संभव होता है टीमव्यूअर सॉफ्टवेयर की मदद से। कंप्यूटर इंजिनियरों के बीच टीमव्यूअर रिमोट ऐक्सेस सॉफ्टवेयर बेहद लोकप्रिय है। यह फ्री और पेड, दोनों रूपों में मिलता है। हालांकि फ्री संस्करण में कनेक्शन सिर्फ पांच मिनट चलता है, लेकिन पांच-पांच मिनट के तीन-चार प्रयासों में अक्सर कंप्यूटर सपोर्ट टीम का काम हो जाता है। अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ विंडोज़ तक सीमित नहीं है, बल्कि मैक, लाइनक्स कंप्यूटरों और ऐंड्रॉयड (स्मार्टफ़ोन) पर भी काम करता है।

पहले करें डाउनलोड

1.teamviewer.com से इसे डाउनलोड और इंस्टॉल कर लें।
2. पूछे जाने पर Basic installation और Personal/non-commercial use को चुनें। कुछ ही सेकंड में टीमव्यूअर इंस्टॉल हो जाएगा।
3. इसी तरह इस सॉफ्टवेयर को दूर मौजूद दूसरे कंप्यूटर पर भी इंस्टॉल करना होगा, जिससे आप अपने कंप्यूटर को जोड़ना चाहते हैं।
4. दोनों तरफ ऐसा हो जाने पर अपने कंप्यूटर में टीमव्यूअर को चलाएं।
5. यहां दो ऑप्शन दिखेंगे। पहला Allow Remote Control, यानी आपका कंप्यूटर किसी और व्यक्ति द्वारा दूर से ऐक्सेस किया जाना है। दूसरा ऑप्शन है Control Remote Computer, यानी आप खुद किसी अन्य कंप्यूटर को रिमोट ऐक्सेस करेंगे।

जब कंट्रोल किसी और को देना हो

आप देखेंगे कि Allow Remote Control कॉलम में Your ID और Password के सामने दो डिजिट वाला नंबर दिखाई देगा। इनका प्रयोग करके दूर मौजूद कंप्यूटर पर बैठा व्यक्ति आपके कंप्यूटर को ऐक्सेस कर सकता है। इन्हें फोन, एसएमएस या ईमेल आदि के जरिए उन्हें बता दें। आपको सिर्फ इतना ही करना है। जैसे ही वह व्यक्ति अपने कंप्यूटर में मौजूद टीमव्यूअर में आपकी आईडी और पासवर्ड डालेगा, टीमव्यूअर का काम शुरू हो जाएगा और आपके कंप्यूटर का नियंत्रण उनके पास चला जाएगा।

जब दूसरे कंप्यूटर को कंट्रोल करना हो

ऐसा करने के लिए कहीं दूर मौजूद कंप्यूटर पर दिखाई गई आईडी और पासवर्ड पूछ लें। अब अपने टीमव्यूअर पर Control Remote Computer खंड में जहां Partner ID पूछा जा रहा है, वहां उनकी आईडी लिखें और नीचे Remote Control रेडियो बटन पर क्लिक करें। अब Connect to partner बटन दबाएं। आप देखेंगे कि आपके कंप्यूटर की स्क्रीन और उस पर दिखने वाली फाइलें बदल गई हैं। वास्तव में यह उस कंप्यूटर की स्क्रीन है, जिसे आप दूर से ऐक्सेस करना चाहते थे। अब आप जो कुछ भी कर रहे हैं (फाइल बनाना, कॉपी-पेस्ट, सॉफ्टवेयर चलाना, सेटिंग करना आदि) वह आपके कंप्यूटर पर नहीं, बल्कि उस दूर रखे कंप्यूटर पर घटित हो रहा है।

याद रखें:

रिमोट ऐक्सेस में माध्यम के रूप में इंटरनेट का प्रयोग होता है। इसके लिए जरूरी है कि दोनों तरफ के कंप्यूटर चालू (ऑन) हों और दोनों पर इंटरनेट कनेक्शन ऑन हो। टीमव्यूअर के फ्री संस्करण को कंप्यूटर इंजिनियरों द्वारा रिपेयर और अन्य सपोर्ट के लिए इस्तेमाल करना उसकी शर्तों का उल्लंघन है। बहरहाल, आम लोगों द्वारा, गैर-व्यावसायिक कामों के लिए इसके इस्तेमाल में कोई रुकावट नहीं है।

स्मार्टफोन के लिए

अब स्मार्टफोन और टैबलट के रिमोट ऐक्सेस के लिए भी टीमव्यूअर ऐप्लिकेशन आ चुके हैं। न सिर्फ ऐंड्रॉयड, बल्कि आइओएस गैजट्स (आईपैड, आईफोन) को भी अपने कंप्यूटर से नियंत्रित करने के लिए आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। तरीका लगभग वही कंप्यूटर जैसा है। उम्मीद है कि आपने ऊपर के स्टेप्स का इस्तेमाल करते हुए अपने कंप्यूटर में टीमव्यूअर को पहले ही इंस्टॉल कर लिया है। अब जरूरत है, अपने स्मार्टफोन/टैबलट में यही काम करने की।

इसके लिए :

1. अगर आप ऐंड्रॉयड गैजट इस्तेमाल करते हैं तो Google PlayStore पर और आईपैड/आईफोन का प्रयोग करते हैं तो AppStore पर जाकर TeamViewer QuickSupport ऐप को डाउनलोड और इंस्टॉल कर लें।
2. अब कंप्यूटर में टीमव्यूअर चलाएं और दूसरी तरफ अपने स्मार्टफोन/टैबलट में भी टीमव्यूअर क्विकसपोर्ट ऐप लॉन्च करें।
3. आपके मोबाइल गैजट में टीमव्यूअर लॉन्च होते ही एक आइडी (Your Id) उपलब्ध कराई जाएगी। आप जितनी बार इस ऐप्लिकेशन को चलाते हैं, हर बार नई आइडी मुहैया कराई जाती है।
4. मोबाइल गैजट पर दिखने वाली आइडी को अपने कंप्यूटर में चल रहे टीमव्यूअर सॉफ्टवेयर में Control Remote Computer सेक्शन में जहां Partner ID पूछा जा रहा है, वहां लिखें। अब नीचे Remote Control रेडियो बटन पर क्लिक करें और Connect to partner बटन दबाएं।
5. दूसरी तरफ आपके स्मार्टफोन/टैबलट पर मेसेज आएगा कि कोई कंप्यूटर उसे दूर से ऐक्सेस करना चाहता है। Allow remote control? सवाल आने पर Allow ऑप्शन को चुनें। ऐसा करते ही दूर मौजूद कंप्यूटर पर आपके स्मार्टफोन का चित्र दिखाई देगा। माउस और कीबोर्ड का प्रयोग करते हुए आप उस पर मौजूद फाइलों, फोल्डरों, ऐप्स आदि को एक्सेस कर सकेंगे।

Run Commands List For Computer In Hindi

रन कमांड की लिस्ट


COMMANDFUNCTION
taskmgrसिस्टम इन्फोर्मेशन
msconfigसिस्टम कोंफिगुरेशन यूटिलिटी
sysdm.cplसिस्टम प्रोपर्टीज
nusrmgr.cplयूज़र अकाउंटस
ntmsmgr.mscरिमूवेबल स्टोरेज
confनेटमीटिंग
printersप्रिंटर्स & फेक्स
powercfg.cplपॉवर कोंफिगुरेशन
services.mscसर्विसेस
charmapकेरेक्टर मेप
shutdown -sविंडोस शटडाउन
shutdown -rविंडो रिस्टार्ट
utilmanयूटिलिटी मेनेजर
oskओन स्क्रीन कीबोर्ड
commandकमांड प्रोम्प्ट
calcकेलकुलेटर
wmplayerविंडोस मीडिया प्लयेर
%temp%टेम्प फोल्डर
telephon.cplटेलेफोन & मोडेम ओप्शन
telnetटेलनेट क्लाईंट
wabविंडोस एड्रेस बुक
regeditरजिस्ट्री एडिटर
mstscरिमोट डेस्कटॉप कनेक्शन
pinballपिनबाल
pbrush या mspaintपेंट
msinfo32टास्क मेनेजर
packagerऑब्जेक्ट पेकेजर
tcptestTCP टेस्टर
syseditसिस्टम कोन्फ़िगुरेशन एडिटर
intl.cplरीजिनल & लैंग्वेज सेटिंग
dialerफोन डायलर
odbccp32.cplODBC डाटा सोर्स एडमिनिस्ट्रेटर
perfmonपर्फोर्मेंस मोनिटर
fsmgmt.mscशेयर्ड फोल्डरस
wscui.cplसिक्योरिटी सेंटर
mmsys.cplसाउंड & ऑडियो
cliconfgSQL क्लाईंट कोंफिगुरेशन
spiderकार्ड गेम
cleanmgrक्लीन अप
dxdiagडायरेक्ट एक्स ड़ायग्नोस्टिक टूल
magnifyमेगनीफायर
moviemkमूवी मेकर
notepadनोटपेड
clipbrdक्लिपबोर्ड
rsop.mscरिजलटेंट सेट ऑफ़ पालिसी
%windir%विडोस फोल्डर
rasphoneरिमोट एकसेस फोनबुक
ac3filter.cplAC3 फ़िल्टर
eudceditप्राइवेट केरेक्टर एडिटर
eventvwrइवेंट व्यूवर
iexpressआई एक्सप्रेस
narratorनरेटर
tourstartविंडोस टूर
iexploreइंटरनेट एक्स्प्लोरर
winhelpविंडोस हेल्प
accwizअसेसिबिलिटी विजार्ड
mobsyncसिन्क्रोनाईज़
sfc /scanonceसिस्टम फाइल चेकर यूटिलिटी
logoffलोग ऑफ

Computer Tricks In Hindi - Part 1

सीडी /डीवीडी पर डाटा राईट करना


सीडी /डीवीडी ड्राईव पर राईट क्लिक करें ->Properties ->Recording->Enable CD Recording on this drive ->Apply ->My Computer में उन फाईलों & फोल्डर्स को सेलेक्ट करें जिन्हें राईट करना है फिर उन्हें कॉपी करके सीडी /डीवीडी ड्राईव में पेस्ट करें फिर साइड पेनल के आप्शन Write these files on CD पर क्लिक करें

कमांड प्रोम्प्ट से वेब साईट खोलना


start->Run->cmd टाईप करके इंटर दबाए -> c:\> प्रोम्प्ट के आगे start www.imdishu.com टाईप करके इंटर दबाए

रिसाईकिल बिन के डिलीट


कंफरमेशन डायलोग को बंद करना-रिसाईकिल बिन आईकोन पे राईट क्लिक करें ->Properties पे क्लिक करें ->Global टैब पर क्लिक करें -> Display delete confirmation dialog को अनचेक्ड करें -> Apply 

दो कम्प्यूटरों को कनेक्ट करना


RJ-45(Register Jack-45) कनेक्टर्स जो क्रास वायर के दोनों सिरों पर लगें है का एक सिरा एक कम्प्युटर के नेटवर्क इंटरफेस कार्ड के LAN Port में और दूसरा दूसरे कम्प्युटर के नेटवर्क इंटरफेस कार्ड के LAN Port में लगा दें।
आईपी सेटिंग्स के लिए :
Start -> Settings -> Network Connections->Local Area Connection पे राइट क्लिक करें-> Properties->Internet Protocol (TCP/IP) सलेक्ट करें-> Properties बटन पे क्लिक करें। दोंनों कंप्यूटरों में Use the Following IP Address को चुनें और हर कंप्यूटर का यूनीक आईपी एड्रेस डालें।एक कंप्यूटर का आईपी एड्रेस 192.168.1.1 रखें और दूसरे का 192.168.1.2 ->Subnet Mask बॉक्स में 255.255.255.0 डालकर ओके बटन दबा दें। यह प्रक्रिया दोनों कंप्यूटरों में करें।

वर्कग्रुप ऐसे बनाएं


सबसे पहले Start ->Control Panel->System पर जाएं -> Computer Name tab पर जाएं और Change बटन पर क्लिक करें। Computer Name Changes डायलॉग बॉक्स में अपने कंप्यूटर का नाम डालें। यह प्रक्रिया दूसरे कंप्यूटर में भी दोहराएं और उसे एक दूसरा नाम दें।कंप्यूटरों को जोड़ने वाले वर्कग्रुप (नेटवर्क) का भी एक नाम होना चाहिए।कंप्यूटर का नाम देने के बाद उसके नीचे ही Member of Workgroup नामक बॉक्स में अपने वर्कग्रुप का नाम भर दीजिए (जैसे me Network)। यह प्रक्रिया दोनों कंप्यूटरों में पूरी करें। याद रहे, दोनों कंप्यूटरों के वर्कग्रुप का नाम एक समान होना चाहिए। ओके बटन दबा दें और दोनों कंप्यूटर एक बार रिस्टार्ट होंगे। रिस्टार्ट होते ही आपका नेटवर्क तैयार होगा।

फोल्डर शेयरिंग


दोनों कंप्यूटरों में एक-एक फोल्डर बना लीजिए, इसे कोई नाम दीजिए।इस फोल्डर पर राइट क्लिक करें Properties पर क्लिक करें। अब Sharing tab को सलेक्ट कर लें। अब Share this folder को सलेक्ट करें और फिर SharedFolder जैसा कोई नाम दीजिए। दूसरे कंप्यूटर में आपको अपना शेयर्ड फोल्डर इसी नाम से दिखाई देगा। अब OK बटन दबा दीजिए।

उपयोग करें : Start -> Settings -> Network Settings->My Network Places पर क्लिक करें। अब Entire Network पर क्लिक करें और फिर Microsoft Windows Network पर डबल क्लिक करें। अपने वर्कग्रुप के नाम पर डबल क्लिक करके देखिए, दूसरे कंप्यूटर का नाम दिखाई देगा। दूसरे कंप्यूटर के नाम पर क्लिक करके देखिए, उसमें आपका शेयर्ड फोल्डर दिखाई देगा और उसके भीतर पड़ी फाइलें भी। अब इस कंप्यूटर की फाइलें दूसरे कंप्यूटर पर access होने लगी हैं। इधर से फाइलें उधर कॉपी करके देखिए।

सिस्टम रिस्टोर करना


पहले सभी खुले हुए प्रोग्राम्स बंद कर दे ; start -> all programs -> Accessories ->system tools ->system restore ->create a restore point ->next ->restore -> point description यहाँ रिस्टोर पॉइंट का नाम टाइप करें -> create -> home -> restore my computer to an earlier time -> next -> select a restore point -> next -> next ->अब कम्प्यूटर रिस्टार्ट होने दें ->ok

एमएस एक्सेस में टेबल & फॉर्म बनाना


start -> all programs -> Microsoft Office ->microsoft office access 2007-> Blank Database -> file name यहाँ डाटाबेस का नाम टाइप करें ->create ->अब फील्ड का नाम टाइप करते जाएं और टैब या इंटर दबातें जाएं ;फिर कोलम हेडिंग के नीचे डाटा भरें ->create menu -> more forms -> form wizard ->यहाँ टेबल को सेव करने के लिए पूछा जाएगा ; yes पे क्लिक करें ->नाम टाइप करके ;ok पे क्लिक करें ->अब select all >> पे क्लिक करें -> next -> next ->next ->finish अब नेवीगेशन कंट्रोल से अगले ;पिछले रेकॉर्ड्स देख सकते है।

विंडो को बिना फॉर्मेट किए रीईन्स्टोल करना


जब फोर्मेट के अलावा कोई और ओप्संश ना होतो सारा डाटा कॉपी कर ले फिर Start बटन पर क्लीक करे और Run में जाकर webfldrs.msi टाईप करे.इसके बाद जो डायलोग बॉक्स आएगा उसमे आप Select Reinstall Mode बटन पर क्लीक करे .इसके बाद जो डायलोग बॉक्स आएगा उसमे आपको सारे ओप्संश पर क्लिक करके OK बटन पे क्लिक करना है.इसके बाद कंप्यूटर अपने आप रिस्टार्ट हो जायेगा और विंडोस के सारे एलीमेंट्स रीईन्स्टोल हो जाएंगे !

विंडोस का स्टार्टिंग साउंड बदलना


start-> control panel ->sound,speech and audio devices ->change the sound scheme ->program events:start windows->Browse->यहाँ साउंड फाइल को लोकेट करके ok पे क्लिक करें ->apply
स्क्रीन शोर्ट लेना :- किबोर्ड पे prt sc की दबाएँ फिर पेंट या वर्ड में edit मेनू से पेस्ट पे क्लिक करें

विंडोस को मिनिमाज करने के लिए


सभी खुली हुई विंडोस को मिनिमाज करने के लिए - window+m या window+d

हिमाचल में स्नोफॉल का मौसम , जल्दी बनाएं घुमने का प्लान

हैल्लो रिडर्स, जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मैं (Dr. Panwer Dishu) ख़ुद हिमाचल से हूं और हिमाचल खुबसुरती की एैसी मिसाल है जहां घुमने के लिये लाखों की संख्या में हर साल लोग आते हैं और खासकर जब मौसम सर्दी का हो और Snowfall हो रहा हो तो लोग स्नोफॉल देखने के लिये दुर दुर से यहां पर आते हैं और हिमाचल में घुमने का सही मौसम सर्दी ही माना जाता है इसके पिछे बहुत सारे कारण है।
Weather of himachal

तो दोस्तो अगर आप भारत के किसी भी शहर या राज्य के निवासी है और हिमाचल में घुमने की सोच रहे है लेकिन इस बात से कन्फयुज़ है कि स्नोफॉल कब होगा तो अब इस बात की चिंता न करें क्योंकि हिमाचल में ठंड काफी हद तक बढ़ चुकी है और आज बारिश भी हुई। यानि अब ज्यादा इंतज़ार नहीं करना पडेगा आप एक महीने के अंदर ही यहां आ सकते हैं क्योंकि उसके बाद फरवरी या मार्च तक स्नोफॉल होता रहेगा।

दोस्तो यहां पर  Snowfall शुरु होने की कोई Fix Date नहीं होती लेकिन जल्द ही अब नवंबर या दिसंबर से शुरु हो सकता है।

तो आज से ही पैकिंग करना शुरु कर दिजिये, स्वैटर और जुराबे लाना मत भुलना क्योंकि ठंड बहुत है। आपकी यात्रा मंगलमय हो। अगर आप Personally मुझसे फेसबुक पर चैटिंग करके कोई सवाल पुछना चाहते हैं तो आप मेरे फेसबुक आईडी (Panwer Dishu) पर रिक्वेसट भेज सकते है।  Happy Journey 

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13/11/2017

हमारे जीवन पर Body Language का क्या प्रभाव पड़ता है जानिये

मौजूदा कॉर्पोरेट इंडिया को सिर्फ डिग्रियों से लैस एंप्लॉइज की तलाश नहीं होती, बल्कि यह जमाना स्मार्ट एंप्लॉई का है। स्मार्टनेस से मतलब ऐसे एंप्लॉई से है, जिसमें प्रफेशनल क्वॉलिफिकेशन तो हो ही, साथ ही वह सॉफ्ट स्किल्स से भी भरपूर हो। अगर आप भी स्कूल में अपनी Body Language पर खासा ध्यान देते हैं, तो आपकी यह कुशलता आपको बाकी लोगों से अलग बनाएगी।

Best body language tips in hindi

अगर आप किसी व्यक्ति से फोन पर बात करें और उसी व्यक्ति से आमने-सामने बात करें, तो दोनों स्थितियों के नतीजों में जमीन-आसमान का अंतर हो सकता है। इसके पीछे है दोनों व्यक्तियों की Body Language। दरअसल, Body Language का प्रभाव हमारे जीवन के हर पल पर पड़ता है, भले ही हम इसे महसूस करें या नहीं? करियर में आगे बढ़ने के लिए भी जितनी जरूरी अच्छी परफॉर्मेंस है, उतना ही जरूरी है अपनी Body Language पर ध्यान देना।

इसके अलावा, अगर आपके अंदर अन्य लोगों की Body Language पढ़ने का भी हुनर है, तो यह बात सोने पर सुहागा साबित होगी। अगर आप सेल्स के फील्ड में हैं, तो Body Language समझने की कला आपके करियर को आगे बढ़ाने में बहुत मददगार साबित हो सकती है। आपको अपने संभावित ग्राहक की Body Language देखकर ही पता चल जाएगा कि वह व्यक्ति आपके प्रॉडक्ट में दिलचस्पी ले भी रहा है या नहीं?
हमारा दिमाग लगभग हर बॉडी पॉस्चर से निकलने वाले संकेत को समझ सकता है। सही Body Language को सीखना फॉरन लैंग्वेज सीखने जैसा है। हमें रोजमर्रा की आदतों में कुछ बेसिक पॉस्चर्स पर ध्यान देना चाहिए, जैसे : हमेशा आई कॉन्टैक्ट रखकर बात करना, थोड़ी-सी मुस्कान का महत्व जानना, हाथ बांधकर बातें करने से बचना, खुली हथेलियां गंभीरता और रेसेप्टिविटी को दर्शाती हैं, हाथ हिलाकर बातचीत करने से समझा जाता है कि आप बड़ी रुचि से बातें कर रहे हैं, जबकि मुंह के ऊपर या चेहरे पर हाथ रखना नेगेटिव Body Language का हिस्सा है। आपके रिलेक्स्ड पॉस्चर का मतलब होगा कि आप कम्युनिकेशन के लिए तैयार हैं। स्कूल में कभी भी किसी भी स्तर के व्यक्ति से ऊंची आवाज और तेज स्पीड में बात नहीं करनी चाहिए। इससे आप अपने व्यक्तित्व की गंभीरता खो देंगे।

चाहे आप स्कूल में अपने कलीग्स से बातचीत करें या फिर अपनी डेस्क पर काम कर रहे हों, हमेशा अपनी Body Language पर ध्यान दें। कम शब्दों में हम कह सकते हैं कि Body Language एक ऐसा हुनर है, जिसे हम अपने मूवमेंट्स, पॉश्चर्स और वॉयस टोन से हासिल करते हैं।

Body Language पढ़ें

स्कूल में किसी भी व्यक्ति से बात करते समय शब्दों के अलावा सामने वाले की Body Language पढ़ने की भी कोशिश करनी चाहिए। खुद को सामने वाले के साथ इस तरह रिलेट करना बेहद जरूरी है। इससे आपको यह पता चल सकेगा कि वह व्यक्ति आपकी बातों में दिलचस्पी ले भी रहा है या नहीं? अगर कोई शुरुआत में तो आई कॉन्टैक्ट रखकर बातें कर रहा है, लेकिन धीरे-धीरे आंखें बचाने लगता है, तो इसका मतलब है कि वह बातचीत में दिलचस्पी खो रहा है। ऐसे ढेरों संकेत आपको सचेत कर सकते हैं। इसके बाद आपको अपनी अप्रोच बदल देनी चाहिए। अगर आप टीचर के साथ बातें कर रहे हैं या कोई सवाल पूछ रहे हैं, तो अक्सर Body Language पढ़ने से ही आपको अपने ज्यादातर जवाब मिल जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति की जुबान कुछ और कह रही है और Body Language कुछ और, तो उसकी बॉडी पर भरोसा कीजिए।

अकेले में प्रैक्टिस करें

अगर आप अपनी Body Language से संतुष्ट नहीं हैं, तो घर पर शीशे के सामने इसे सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। ध्यान रखें कि आपकी Body Language भी वही बोले, जो आप मुंह से बोल रहे हैं। महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप क्या कहते हैं, बल्कि यह है कि आप इसे किस तरह कहते हैं? हमेशा मुस्कराते रहें। जो लोग अपने बारे में अच्छा सोचते हैं, उनकी Body Language अक्सर बेहतर होती है।

कुछ खास बातें

वैसे तो Body Language पर बरसों से रिसर्च की जा रही है। अलग-अलग लोगों ने पॉजिटिव Body Language के बारे में कई बातें बताई हैं, जिन्हें एक आर्टिकल में समेट पाना मुश्किल है। फिर भी मोटे तौर पर कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, जिससे स्कूल में आपकी इमेज एक अच्छे वर्कर की बन सके। चाहे टीचर हो या कलीग हमेशा आई कॉन्टैक्ट रखकर बातें करें, खुली हथेलियां गंभीरता और रेसेप्टिविटी को दर्शाती हैं, करीब रहकर बात करना यानी इंटरेस्ट लेना और दूर होने का मतलब है बातचीत में ध्यान नहीं होना, रिलेक्स्ड पॉस्चर का मतलब होगा कि आप कम्युनिकेशन के लिए तैयार हैं। स्कूल में हाथ बांधकर खड़ा नहीं होना चाहिए, यह डिफेंसिवनेस और विरोध का संकेत है। हाथ हिलाकर बातचीत करने से समझा जाता है कि आप बड़ी रुचि से बातें कर रहे हैं। मुंह के ऊपर या चेहरे पर हाथ रखना नेगेटिव Body Language का हिस्सा है। स्कूल में कभी भी किसी भी स्तर के व्यक्ति से ऊंची आवाज और तेज स्पीड में बात नहीं करनी चाहिए। इससे आप अपने व्यक्तित्व की गंभीरता खो देंगे।
तो, फिर जुट जाइए मिशन Body Language में। यकीन जानिए, करियर में जितनी महत्वपूर्ण जगह आप अपने काम से बनाएंगे है, उतने ही महत्वपूर्ण आप पॉजिटिव Body Language को अपनाकर भी बन सकेंगे।

आत्मविश्वास कैसे बढाएं ? - How To Improve Self Confidence In Hindi

आत्मविश्वास कैसे बढाएं

Keise badhaye self confidence ya aatmvishwash ko

1. स्वंय पर विश्वास रखें (Believe in Yourself), लक्ष्य बनायें (Make SMART goals) एंव उन्हें पूरा करने के लिए वचनबद्ध रहें | जब आप अपने द्वारा बनाये गए लक्ष्य (Goals) को पूरा करते है तो यह आपके आत्मविश्वास (Self Confidence) को कई गुना बढ़ा देता है |

2. ऐसे लक्ष्य (S.M.A.R.T. Goal) बनाएँ जिसे आप प्राप्त कर सकें (Achievable and Realistic Goals)| क्योंकि जब आप ऐसे लक्ष्य (TARGET) बनाते है जिसे आप पूरा नहीं कर सकते तो यह आपके self confidence (Aatmvishwash) को गिरा देते है और आपका स्वंय पर विश्वास कम हो जाता है | लक्ष्य S.M.A.R.T. होना चाहिए- Specific (स्पष्ट)
– Measurable (मापां जा सकने योग्य) – Achievable (प्राप्त किया जा सके), – Realistic (वास्तविक) -Time-Bound (निर्धारित समय सीमा में पूरा होने लायक)

3. खुश रहें (Be Happy), खुद को प्रेरित करें (Motivate Yourself), असफलता (Failure) से दुखी न होकर उससे सीख लें क्योंकि “experience हमेशा bad experience से ही आता है”

4. हमेशा आसान काम पहले करें और मुश्किल काम बाद में| क्योंकि जब आप पहले आसान कार्य अच्छे से कर लेते है तो दबाव कम हो जाता है और confidence बढ़ता है जिससे मुश्किल कार्य भी आसान बन जाता है |

5. सकारात्मक सोचें (Think Positive) , विनम्र रहें एंव दिन की शुरुआत किसी अच्छे कार्य से करें (starting the day with a positive attitude)|

6. इस दुनिया में नामुनकिन कुछ भी नहीं है – Nothing is Impossible in this world | आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुशमन किसी भी कार्य को करने में असफलता होने का “डर” (Fear of Failure) है एंव डर को हटाना है तो वह कार्य अवश्य करें जिसमें आपको डर लगता है |

7. आप यह मत सोचिये कि लोग आपके बारे में क्या सोचेंगे :- “सबसे बड़ा यही रोग क्या कहेंगे लोग (Sabse bada rog kya kahenge log)| ज्यादातर लोग कोई भी कार्य करने से पहले कई बार यह सोचते है की वह कार्य करने से लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे या क्या कहेंगे और इसलिए वे कोई निर्णय ले ही नहीं पाते एंव सोचते ही रह जाते है एंव समय उनके हाथ से पानी की तरह निकल जाता है| ऐसे लोग हमेशा डर-डर के जीते है और बाद में पछताते हैं | इसलिए दोस्तों ज्यादा मत सोचिये जो आपको सही लगे वह कीजिये क्योंकि शायद ही कोई ऐसा कार्य होगा जो सभी लोगों को एक साथ पसंद आये |

8. सच बोलें, ईमानदार रहें, धूम्रपान न करें, प्रकृति से जुड़े, अच्छे (Good) कार्य करें , जरुरतमंद की मदद करें (Be Helpful)| क्योंकि ऐसे कार्य आपको सकारात्मक शक्ति (positive power) देते हैं वही दूसरी ओर गलत कार्य एंव बुरी आदतें (Bad Habits) हमारे आत्मविश्वास को गिरा देते हैं |

9. वह कार्य करें जिसमें आपकी रुचि हो एंव कोशिश करें कि अपने करियर (Career) को उसी दिशा में आगे ले जिसमें आपकी रुचि हो |

10. अच्छे दिखिए और अपना Dressing Sense Improve कीजिये | दूसरों की देखा-देखी मत कीजिए, वह पहनिए जो आपको comfortable लगे| कपड़े कम खरीदिये लेकिन अच्छे खरीदिये |

11. व्यवहारकुशल बनें और हमेशा नम्रता व मुस्कराहट (Smile) के साथ व्यवहार करें | इससे न केवल आपका आत्मविश्वास (Self Confidence) बढेगा बल्कि इससे आपके अच्छे मित्रों की संख्या भी बढ़ेगी | अच्छे मित्र हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते है और आपके सुख दुःख में हमेशा आपके साथ होते है |

12. Motivational Seminars में हिस्सा लें, ऐसे Television Program या videos देखें जो आपको inspire or motivate करे, Self Improvement and Personal Development की किताबे एंव प्रेरणादायक लेख (Motivational Articles) पढ़े| ऐसे प्रेरणादायक लेख (Motivational Articles) एंव किताबें हमारे mind को recharge कर देती है |

13. वर्तमान में जियें (Live in Present) क्योंकि न तो भूतकाल एंव न ही भविष्यकाल पर हमारा नियंत्रण है |

14. सकारात्मक सोचें (Think Positive), अच्छे मित्र बनायें (Make Good Friends), बच्चों से दोस्तीं करें और आत्मचिंतन करें |

15. Meditation (ध्यान), योग (Yoga) एंव प्राणायाम (pranayam) करें| अपने लिए समय निकालें और कुछ समय एकांत में बिताएं| स्वंय से बात करें (Talk to Yourself) और यह Feel (महसूस) करें कि आप एक बेहतर इन्सान है |

16. अपनी सफलताओं को याद करें और visualize (कल्पना) करें कि आप कुछ भी कर सकते है (You can do anything) और आपके लिए नामुकिन कुछ भी नहीं (Nothing is Impossible for You)|

17. हमेशा चिंतामुक्त (Tension Free) रहने की आदत बनायें, रचनात्मक तरीके से सोचें (Creative Thinking) और कुछ न कुछ नया करते रहें (Do Something New and Creative)| दिन में कुछ समय संगीत सुनने, खेलने अथवा रचनात्मक कार्यों के लिए जरूर निकालें (Do something different)|

18. आत्मनिर्भर बनें एंव जितना हो सके अपने कार्य स्वंय करने की कोशिश करें | आत्मनिर्भरता से आपका confidence लेवल बढ़ता है |

19. या तो ऐसे कार्य न करें जिसमे आपका interest नहीं और और आप अपना 100% नहीं दे सकते या फिर इन कार्यों में अपना interest बनाएं और Best करें | क्योंकि जब आप बिना interest के कोई काम करते है तो आप का confidence level गिरता है |

20. उस बारे में सोचना बंद कर दें जिस पर हमारा नियंत्रण न हो, अगर आप उस बातों या परिस्थियों की वजह से दुखी हो जाते है जो आपके नियंत्रण में नहीं है तो इसका परिणाम समय की बर्बादी व भविष्य पछतावा है जिससे आपका self confidence गिरता है |

21. दृढ निश्चय (Commitment) :- आप अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहें और अपना 100% दें | मेहनत व लगन से बड़े से बड़ा मुश्किल कार्य आसान हो जाता है | अगर लक्ष्य को प्राप्त करना है तो बीच में आने वाली बाधाओं को पार करना होगा, मेहनत करनी होगी, बार बार दृढ़ निश्चय से कोशिश करनी होगी |
अगर आपको सफल होना है तो अपने लक्ष्य पूरे करने की आदत बनाईये न कि उन्हें बार बार बदलने की| अगर आपका अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय नहीं है तो आपके confidence का गिरना तय है |

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