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हैलो दोस्तो मेरा नाम Dishu है और मैं इस Blog का Founder And CEO हुं , आपके लिए बहुत सारी Useful Information इस वेबसाइट पर मिलेगी अगर पसंद आए तो Follow और Subscribe करें हमारी वेबसाइट को , Thank You मेरे बारे मे और भी जानने के लिए Click करें ..

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नमस्कार दोस्तों मैं एक हिमाचली ब्लॉगर (Himachali Blogger) हुं और मैंने अपनी बलौग इसलिये बनाई है ताकि हिंन्दी भाषा का प्रचार कर सकं ताकि सभी हिन्दी भाषा में ब्लॉगिंग करें व हिन्दी को अपना गौरव मान मर्यादा माने। www.imdishu.com हिमाचल में इकलौती एैसी Blog/Website है जो नियमित पोस्ट करती है व नया लाती है तोकि हमारे हिमाचली भाई व समस्त भारतीय कुछ अच्छा पढ़ सके। जय हिंद जय भारत। #Imdishu #Hindi Blogs

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04/02/2018

Best Himachali Singers List

हिमाचल के कुछ एैसे छुपेरुस्तम गायक जिनके गाने सुनकर आप बड़े बड़े गायकों (Singers) को भूल जायेंगे।
हिमाचल, टैलेंट से भरा पड़ा है कोई फिल्मों में काम कर रहा है कोई बड़े/छोटे मंच पर गाने गुनगुना रहा है। तो कोई खेलों में अवार्ड पा रहे हैं। आज आपको इस आर्टिकल में हिमचल के उन गायको से मिलाया जायेगा जो भले ही बड़े मंच पर ना हो मगर आप उनके Die Hard Fan बन जाएंगे।

(1) हंसराज रघुवंशी -


शुरुआत इन्हीं से करते हैंइनकी विडियो यहां निचे लगायी है आप जरुर देखिये क्योंकि आप शायद इन्हे जानते ही होगें। आजकल हंसराज सुर्खियों में जो है इनके कई गाने युट्युब पर मौजूद है आप देख सकते है लाखों Views होगें इनकी विडियो पर। हंसराज हिमाचल के जिला सोलन की एक प्यारी सी तहसील अर्की से हैंऔर अब इन्हे बॉलीवुड में गाने का मौका भी मिला है। सनी देओल के बेटे की आने वाली फिल्म में इन्हे गायक  एक्टर के रुप में पेश किया जायेगा। फिल्म के अक्तूबर तक रिलिज़ होनी की बात सुनने में  रही हैफिल्म की बाकी जानकारी अभी कोई नहीं जानता।


(2) विकास -
 विकास चंबा से हैं इनको गायकी का बहुत ज्यादा शौक है हफ्ते में दो तीन विडियो बनाकर ये अपने युट्युब चैनल पर अपलोड़ करते हैं। लोग इन्हे काफी पसंद करने लगे हैंविकास का कहना है कि उन्हे किसी बड़े मंच पर गाने की कोई ख्वाहिश नहीं है वो सरकारी जॉब कर रहें है जिसे वो छोड़ना नहीं चाहते। उनके अनुसार गायकी उनकी रुह में बसी है और विकास गायकी कभी छोड़ना भी नहीं चाहते आप उनकी विडियो उनके युट्युब चैनल पर देख सकते हैं यह है लिंक - VK Covers




(3) Lalit Singh -

ललित सिंह शिमला के रहने वाले हैं और वर्तमान में दिल्ली से रहते हैं। इन्होंने अपने टैलेंट को बाहर निकालकर सबको दिलों तक पहूंचाया है। इन्होंने हिमाचल के पुराने गानों को अपनी आवाज़ में गाया है। फेसबुक पर इनके काफी चर्चे रहते है। अगर आप भी शोशल मिडिया पर एक्टिव रहते हैं तो इनके जैसे टैलैंटड लोग आपकी फ्रैंड लिस्ट में जरुर होने चाहिए। ललित सिंह का ऑफिशियल फेसबुक फैन पेज़ (The Pahari Project) को लाइक करने के लिये इस लिंक पर जायेंThe Pahari Project

Thanks To Read. 
अगर कोई गायक आपकी नज़र में है और आपको लगता है कि उसे इस लिस्ट में होना चाहिए तो कृपया निचे कॉमेंट करके बतायें या हमारे फेसबुक पेज़ को लाइक करके हमें मैसेज़ करके बताएं।




17/11/2017

हिमाचल में स्नोफॉल का मौसम , जल्दी बनाएं घुमने का प्लान

हैल्लो रिडर्स, जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मैं (Dr. Panwer Dishu) ख़ुद हिमाचल से हूं और हिमाचल खुबसुरती की एैसी मिसाल है जहां घुमने के लिये लाखों की संख्या में हर साल लोग आते हैं और खासकर जब मौसम सर्दी का हो और Snowfall हो रहा हो तो लोग स्नोफॉल देखने के लिये दुर दुर से यहां पर आते हैं और हिमाचल में घुमने का सही मौसम सर्दी ही माना जाता है इसके पिछे बहुत सारे कारण है।
Weather of himachal

तो दोस्तो अगर आप भारत के किसी भी शहर या राज्य के निवासी है और हिमाचल में घुमने की सोच रहे है लेकिन इस बात से कन्फयुज़ है कि स्नोफॉल कब होगा तो अब इस बात की चिंता न करें क्योंकि हिमाचल में ठंड काफी हद तक बढ़ चुकी है और आज बारिश भी हुई। यानि अब ज्यादा इंतज़ार नहीं करना पडेगा आप एक महीने के अंदर ही यहां आ सकते हैं क्योंकि उसके बाद फरवरी या मार्च तक स्नोफॉल होता रहेगा।

दोस्तो यहां पर  Snowfall शुरु होने की कोई Fix Date नहीं होती लेकिन जल्द ही अब नवंबर या दिसंबर से शुरु हो सकता है।

तो आज से ही पैकिंग करना शुरु कर दिजिये, स्वैटर और जुराबे लाना मत भुलना क्योंकि ठंड बहुत है। आपकी यात्रा मंगलमय हो। अगर आप Personally मुझसे फेसबुक पर चैटिंग करके कोई सवाल पुछना चाहते हैं तो आप मेरे फेसबुक आईडी (Panwer Dishu) पर रिक्वेसट भेज सकते है।  Happy Journey 

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05/08/2017

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30/07/2017

पहाड़ी कैसे बने ? : Pakke Pahad Wale Pahadiye

Posted By : #PanwerDishu

 पक्के पहाड़िये : Pakke Pahadiye :
Pahadi keise bane

हिमाचली बंदे ( Men) बड़े फाडू़ ( ultimate) होते हैं सभी इनके जैसे बनना चाहते हैं। हर कोई हिमाचली भाषा सीखकर पहाड़ी बनना चाहता है।
मगर कोई बन नहीं सकता पहाड़ी क्योंकि यह इतना आसान नहीं है क्योंकि इसके लिये आपको यहां की भाषा ,रिति रिवाज़ समझने पड़ेंगे। और हर कोई पहाड़ी बनना चाहेगा क्योंकि जो बात पहाड़ी होने में वो कुछ और होने में नहीं है। अधिकतर लोग यहां की भाषा सुनकर बड़े खुश हो जाते हैं। और कुछ लोगों को यहां की पहाडियां लुभा जाती है। तो कुछ लोगों को हिमाचल की परम्पराएं व रिति रिवाज़ अच्छे लगते हैं। कुछ लोगों को यहां पर रहना पसंद है। कुछ लोगों को हिमाचल में घुमना पसंद है। कुछ अन्य राज्य की लड़कियों को हिमाचली लड़के पसंद होते हैं कुछ लड़कियां हिमाचल में शादी करना चाहती हैं क्योंकि यहां के लोग , वातावरण , वादियां बहुत ख़ुबसुरत हैं हर कोई यहां बसना चाहता है।

अब किसे बताएं कि यहां पर बसना , जन्नत में बसने जैसा है हम तो भाई जी टोटल पहाड़िये हैं हम हिमाचल में जन्मे और यहां पर पले बड़े। यह हमारे लिये बड़े गौरव की बात है कि हम पहाड़ी है। भाई यार एक बार , बस एक बार हिमाचल आके देखों। मा कसम फैन हो जाओगे। दिन रात यही सोचोगे कि कैसे यहां इतनी ख़ुबसुरत जगह बनी। और आप यहीं पर रहने की जिद करेंगे।

अगर हिमाचल की असली ख़ुबसुरती और डरावनी पहाडियां देखनी हो तो - किन्नौर ( Kinnour) , रामपुर , शिमला , लेह लद्दाख, मनानी , कुल्लु , डलहॉजी , नारकंडा , आदि इलाकों में जाओ फिर देखियो आप फैन हो जाओगे यहां के।

अगर जिंदगी में कभी भी पहाड़ी लोग ना देखे हो तो क्या जिंदगी जी रहे हो यार भाई , कहां हो मतलब आप ? कभी पहाड़ों पर आकर देखो जिंदगी का सही मतबल मालुम होगा तुमको। अरे भाई जी , यहां पर ना आसमान से ऊंचे तो पेड़ है , धरती से नीचे से तो यहां के लोग घुमने जाते हैं क्योंकि धरती पर एैसी जगह हिमाचल के अलावा कहीं नहीं है जो किसी हिमाचली को लुभा सके। 😀 यहां पर ना बड़ी बड़ी पहाड़ियां है और उनमें पेड़ों पर घर लटके हुए होते हैं और कुछ घर तो पहाडों पर चिपका कर बनाए जाते हैं क्या करें यार भार , पहाड़ है ना।
यहां क्या बात दी आपने भाई जी , ठंड इतनी है कि ठंड के मौसम में आप तीन मिनेट बारह सैंकेड के लिये कमरे से बाहर रहेंगे को बर्फ की तरह जम जायेंगे और हिल नहीं सकेंगे और कोई बचाने भी नहीं आता यहां , सभी लोग भेड़ बकरियां चराते हैं और उन्हीं को खाकर गुज़ारा करते हैं। यही सोचते हो ना आप ? 😀 😁अरे यार एैसा कुछ नहीं है। इस बात पर अगर आपने विश्वास किया तो मतलब आप हिमाचल में कभी आए ही नहीं हो। तभी तो बोल रहा हूं कि कभी हिमाचल आके देखो।


लोगों को उपर कही बाते ही पता है लेकिन एैसा नहीं होता यहां पर पहाड़ो पर घर तो होते हैं मगर पहाड़ एैसे नहीं है कि वहां पर जाया ना जा सके।और ठंड से एैसा कुछ नहीं होता , हां यहां ठंड तो बारह महीने होती है मगर इतनी नहीं की किसी आदमी को जमाकर बर्फ बना दे। और यहां के लोग सबकी मदद करते हैं चाहे फिर कोई अनजान या विदेशी क्यों ना हो। बाकि राज्यों में मैंने एैसा नहीं देखा। तभी तो कहा कि मुझे गर्व है कि मैं हिमाचली हूं। आप भी गर्व महसुस करेंगे जब यहां की यात्रा करेंगे और लोगों से बातचीत करेंगे।

एक बात पहले ही बता दूं कि यहां किसी भी लड़के से बात करोगे तो वो आपको भाई जी कहकर ही बात करेगे , और लड़कियों को दीदी जी या मैम कहकर बात करेगा। क्योंकि हमारा हिमाचल हमें सबसे प्रेम करना सीखाता है यहां के लोग भी बड़े निराले है भाई जी ,बड़े भोले भाले और ईमानदार। यहां के लोगों की ईमानदारी हर किसी को भा जाती है तभी तो हर टुरिस्टर हिमाचली बनना चाहता है।

यहां पर मेरको (मुझे) तेरको (तुझे) कहकर बात होती है हालांकि यहां पर पढ़े लिखे लोग है लेकिन सबको अपने तरिके से बात करना अच्छा लगता है।
और अगर आप किसी अन्य राज्य के निवासी है तो सामान्यतः इस प्रकार बोलते होंगे कि : हैप्पी बर्थ डे टू यू डिअर। मगर हम मज़ेदार लोग है हम बात को महसुस करवाते हैं , लगना भी तो चाहिए की आज भाई का बर्थ डे है। हमारे हिमाचल में किसी बंदे का जन्मदिन हो तो कुछ इस प्रकार विश करते हैं - पहले तो सभी दोस्तों के साथ भाई (Friend) के पास जाकर उसे घुमने ले जाते हैं फिर उसे उछाल उछाल कर करते हैं विश 😀 ना ना एैसा मत सोचो ,
फिर करते हैं भाई लोग मिलकर पार्टी , यानि दारु
खाके पीके फिर करते हैं तांत्रा Tantra) , पहली बार सुना क्या भाई जी ? यार समझा करो पार्टी के बाद डान्स तो होगा ही ना , मगर हम लोग हिप-हॉप पर डान्स नहीं करते यार , बावा हमें चाहिए हम सुनते है नाटी , दारु पी के या तो हम सो जाते हैं या फिर करते हैं नाटी पर नाच। कभी हिमाचली नाटी ( Himachali Natti ) नहीं सुनी क्या ? किसी हिमाचली वेबसाइट से डाउनलोड़ करलो भाई जी।

फिर देखना कैसे हिमाचली नाटी का जुनुन सिर चढ़कर बोलेगा। आप को नाटी पर नाचना नहीं आता मगर नाटी शुरु होते ही आप अपने आप नाचना जान जायेंगे। अरे नाचना ? अरे भाई जी झुमेंगे आप। अगर पहाड़ी डान्स सीखना हो तो किसी पहाड़िये के युट्युब चैनल को ढ़ुंढ कर सब्सक्राइब कर लो या हिमाचली नाचियों की विडियो होती है युट्युब पर , उन्हे देख देख कर आप सीख जायेंगे।

और एक दिलच्सप बात जो आप को जाननी चाहिए , यहां के लोग भोलेनाथ के बड़े भक्त होते हैं और भोले नाथ के म्युजिक से आसानी से इम्प्रैस हो जाते हैं। भांग ? यार भाई जी कमाल कर दी आपने , हिमाचल में मलाना ( Malana) गांव का नाम नहीं सुन रखा क्या आपने ? दुनिया भर का सबसे बड़ा भांग (Weed) उत्पादन क्षेत्र है।वैसे मलाना एक पिछड़ा इलाका है जहां पर लोग इंटरनेट , गाड़ी , बंगला एैसी कोई चिज़ नहीं जानते , मगर वो बाहरी लोगों से मिलना जुलना अच्छी तरह से जानते हैं क्योंकि अधिकतर लोग यहां पर घुमने आते हैं और अब सभी मलाना वासी समझ गये है कि लोग यहां पर किसलिये आते हैं😀

भाई जी , कुछ भी कह लो एक दम मस्त है हमारा हिमाचल। यहां पर आपसी प्रेम , भाईचारा ही यहां की पहचान है। आप यहां पर आयेंगे तो आपका बड़ा सम्मान होगा , आपको अच्छी अच्छी Dishes खाने को दी जायेगी , अगर कुछ गलत या लड़की को कुछ कहा तो लात , मुक्के , घुंसे भी खाने को मिल सकते हैं। ये तो आपकी मर्जी है कि क्या खाना पसंद करेंगे। अगर हिमाचल में आपसे पुछे कि क्या खाना पसंद करेंगे तो - सिड्डु या भल्ले कहना। यहां ऊपरी हिमाचल में  " पकैन "भी बनाये जाते हैं जिसमें कई प्रकार की सब्जियां , दालें , रोटियां शामिल होती है। हिमाचल के विभिन्न जिलों में अलग अलग प्रकार के व्यंजन बनाये जाते हैं।

अच्छा तो अब मैं यहीं पर अलविदा लेता हूं , यह पोस्ट मैंने खासकर उन लोगों के लिये लिखी है जो हिमाचल के बारे में विस्तार से और हिमाचली तरके से जानना चाहते है। अगर कोई सवाल हो तो कॉमेंट करें या ई-मेल करें मेरी ई-मेल आईडी है Panwerdishu@gmail.com

Being Pahadi

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23/07/2017

हम मुसाफिर है यारों आज यहां तो कल वहां : गद्दी - Gaddi

Posted by : #PanwerDishu

क्या आपने कभी गद्दी शब्द सुना है ?अगर नहीं सुना तो आपके लिये ये पोस्ट बेहतर है जरा गौर से पढ़ना। गद्दी हिमाचल का सबसे महत्वपुर्ण हिस्सा रहे हैं। ये दिन रात जंगलों व पहाड़ों में घुमकर पशुओं को चराते हैं और अपनी जिंदगी पशुओं के साथ ही व्यतित करते हैं। ज़रा ठहरिये। इन्हे आदिवासी व जंगली समझने की भूल मत करना क्योंकि ये उच्च वर्ग के लोग है जिनके पास शायद आपसे भी ज्यादा संम्पत्ति होगी। बस ये तो इनका काम है , जगह - जगह पशुओं को ले जाना और एक खास बात तो यह है कि गद्दी की पहचान पुरे हिमाचल में होती है अगर आप किसी गद्दी को जानते हैं तो उससे हिमाचल के किसी भी क्षेत्र के बारे में पुछ लेना वो बिना सोचे ही आपको सारी जानकारी दे देगा क्योंकि इन्हे पुरे हिमाचल का पता रहता है। तो चलिये जानते हैं गद्दियों के बारे में कुछ दिल्चस्प बातें। #डिअर_जिंदगी

गद्दी कौन होते हैं ? Who Are Gaddies In Hindi)
हिमाचल के घूमंतू चरवाहों को गद्दी कहते हैं जो भेड़ - बकरियां पालते हैं और मौसम के आधार पर अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। गद्दी , खासकर कुल्लु में पाये जाते हैं कुल्लु को लोग अधिक पशु पालते हैं और मुसाफिर बन जाते हैं।

इन लोगों के पास अपने बड़े बड़े घर तो होते हैं मगर इन्हें अपने काम से प्यार है और आजीवन घुमंतु की जिंदगी व्यतित करते हैं। साल में एक - आध बार घर चले जाते हैं और बाकि महीनों में जंगल और पहाड़ों पर ही रहते हैं।

नये क्षेत्रों में तालमेल 
गद्दी लोग बड़े सीधे - साधे लोग होते हैं ये किसी को नुकसान नहीं पहूंचाते , ये जहां भी जाते हैं वहां अपनी मस्ती में जाते हैं और सबके दिलों में छा जाते हैं। लोगों से इनका तालमेल जल्दी बन जाता है। नये गांव में जाने के बाद , वहां के लोग इन गद्दियों के पास अपने पशुओं को भी भेज देते हैं और गद्दी उनके पशुओं को एक - दो महीने तक पालते हैं , जहां भी जाते हैं अपने साथ ले जाते हैं और देखभाल करते हैं और समय पर वापिस दे देते हैं इससे लोगों के पशु तगड़े और स्वस्थ रहते हैं और वो गद्दियों को इसके बदले में थोड़े पैसे भी दे देते हैं जिससे इनकी आमदनी भी हो जाती है।

रब्ब रखवाला , शेरों का ड़र नहीं 
गद्दियों का कहना है कि जब वो जंगल में जाते हैं तो उन्हे कई दफ़ा शेर व भालू , बाघ आदि जानवर भी मिल जाते हैं लेकिन हम नहीं ड़रते क्योंकि हम उन्हे नुकसान नहीं पहूंचाते तो वो भी हमें नुकसान नहीं पहूंचा सकते है।

वैसे तो गर्मी के मौसम में शेर उपरी हिमाचल में चले जाते हैं जिससे इन्हे शेरों का ख़तरा नहीं रहता , मगर बाघ और भालू से कई बार सामना हो जाता है। और अगर ध्यान ना दिया जाये तो बाघ भेड़ों व बकरियों को खा भी जाते हैं। गद्दी लोग अपने पशुओं को डंगर बोलते हैं

जंगल में गुज़ारा 
गद्दी दिल के भोले होते हैं जहां जाते हैं फिट हो जाते हैं , हमेशा जंगल मे रहते हैं और सुखी लकड़ियों का उपयोग करके खाना बनाते है और इनके पास घर तो नहीं होता लेकिन अपना वाटरप्रुफ टैंट होता है जिससे वे टैंट बना लेते हैं और इस घर को गद्दी डेरा कहते हैं। और आराम से जीना कोई इनसे सीखे।

परदेसियों से प्रेम 
एक बार मैं बिलिंग जा रहा था तो रास्ते में एक गद्दी मिल गया, मैंने पुछा चाचा बिंलिंग में खाने पीने का कोई जुगाड़ है क्या ? तो वो बोले कि खाने पीने का जुगाड़ तो मुश्किल है और वापिस जाने के लिये किसी गाड़ी का मिलना भी मुश्किल है , लेकिन अगर ना मिले तो वो देखो वहां हमारा डेरा है वहीं पर चले आना और मज़े से खा-पीकर सुबह चलो जाना। मैं इस बात से बहुत प्रभावित हुआ वैसे वापिस आते समय एैसी कोई परेशानी तो नहीं आई पर मेरे दिल में इनके लिये प्रेम जाग उठा था। ये वाकई में अच्छे इन्सान होते है।

तो दोस्तों इस लेख से आप सभी समझ गये होंगे कि गद्दी कौन होते हैं और अपना जीवन कैसे बिताते हैं। अगर आप हमारी वेबसाइट पर कुछ पोस्ट करना चाहते हैं तो हमे ई-मेल करें हमारी ई-मेल आईडी है Panwerdishu@gmail.com

काकू राम ठाकुर : हर हिमाचली की धड़कन

#दिशु पंवर । हिमाचल प्रदेश

काकू ठाकुर को काकू राम ठाकुर के नाम से भी जाना जाता है, हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले से सबसे कम उम्र के गायकों में से एक है जिन्होंने कई राज्य स्तरीय संगीत प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी कला का प्रदर्शन किया है। बचपन से उन्होंने कई पुरस्कार जीते हैं उन्होंने अनेक संगीत समारोहों में भाग लिया है और हिमाचल में लोकप्रिय हो गये है। उन्हें हिमाचल प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ कलाकार के लिए पुरस्कार भी मिला। वह हिमाचल के युवा और प्रतिभाशाली गायक हैं

काकू राम ठाकुर हिमाचल में बेहतरीन और सबसे कम उम्र के गायक और लाइव कलाकार हैं और हिमाचली और पंजाबी भाषा में गाने गाते हैं। उन्होंने कई तरह के माता के भजन जैसे आस मेरी पुरी होई, हे मात मेरी, माई दे द्वारे आपा जाणा आदि भी लाइव शो जैसे मीनार मेले, सुर्गी आदि भी गाये हैं

हम उनके बेहतरिन भविष्य की कामना करते हैं और उन्हें बधाई देते हैं। आशा है कि हिमाचल युवा उनके साथ होंगे।

हाल ही में इनका नया गाना रिलिज़ हुआ है मिंजर। Pahadigana.com से डाउनलोड़ करके के लिये यहां पर क्लिक करें

हिमाचली में कभी भी कली की कमी नहीं थी इसका प्रमाण काकु राम ठाकुर देते हैं जिनकी आवाज़ के सभी दिवाने होते चले जा रहे हैं। काकू राम ठाकुर के कुछ गाने निचे दिये गये हैं


काकू राम ठाकुर मिंजर मेले में , यह विडियो मिंजर मेले की है जिसे आपको भी जरुर देखना चाहिए।







तो यह थे काकू राम ठाकुर के कुछ गाने , हम जल्दी ही उनके बारे में और भी बहुत जानकारियां आप तक पहूंचाने का प्रयास करेंगे।  आपको यह गाने कैसे लगे आप हमें बता सकते हैं कॉमेंट करके , निचे कॉमेंट बॉक्स है जिसके द्वारा आप अपनी फेसबुक प्रोफाइल का उपयोग करके टिप्पणी कर सकते हैं। हमसे जुड़ने के लिये हमारा फेसबुक पेज़ लाइक करें



हिमाचल के एैसे ही कलाकार लोगों का परिचय पाने के लिये यहां क्लिक करें.

17/07/2017

हिमाचली टोपी - पुरी जानकारी [ All Info About Himachali Cap In Hindi ]

हिमाचल प्रदेश से बाहर आने वाले कला और शिल्प कालीन, चमड़े का काम, शॉल, चित्रकारी, धातु के सामान, लकड़ी और पेंटिंग हैं। पश्मीना शाल एक उत्पाद है जो न केवल हिमाचल में बल्कि पूरे देश में मांग में है। आकर्षक हिमाचली कैप (पहाड़ी टोपी) लोगों की एक प्रसिद्ध कला का काम है।

हिमाचल के लोग पहाड़ी टोपी द्वारा पहचाने जा रहे हैं जो कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस्तेमाल किया गया है। हिमाचली टोपियों का इस्तेमाल विभिन्न रंगों में किया जाता है जैसे हरे और लाल रंग यह हिमाचल के गर्व से भी जुड़ा हुआ है क्योंकि यह मेहमानों के सम्मान में भी विवाह और अन्य उत्सवों के दौरान विशेष स्थान पाता है। हिमाचलियों को उनके मेहमान एक पहाड़ी टोपी की पेशकश के द्वारा सम्मान करते हैं।

हिमाचली टोपियों के प्रकार हैं
1. कुल्लुवी टोपी ( कुल्लु जिला)
2. बुशहरी टोपी ( रामपुर , बुशहर)
3. किन्नौरी टोपी (किन्नौर)

कुल्लवी टोपी (Kulluvi Cap) - 
कुलुवी टोपी ने विश्व स्तर पर एक नाम भी अर्जित किया है क्योंकि पर्यटकों, घरेलू और विदेशी, कुल्लू की शॉल के साथ इस पहाड़ी राज्य की यात्रा के स्मारिका के रूप में कुल्लू शॉल खरीदने के लिए मत भूलना। कुल्लुवी टोपी अकस्क कुल्लु जिले के लोग पहनते हैं और इसकी पहचान करने के लिये फोटो में देखें।

कुल्लूवी के विकास के लिए श्रेय हिमाचल में सहकारी आंदोलन के संस्थापक ठाकुर वेद राम को जाता है। दिलचस्प बात यह है कि हिमाचल कैप का रंग हिमाचल में साल भर राजनीति में रहा है क्योंकि हरे रंग का रंग कांग्रेस पार्टी के साथ और हिमाचल में भारतीय जनता पार्टी के साथ लाल रंग का रहा है। पहाड़ी टोपी पहनने वाले लोग हमेशा हिमाचलियों के रूप में पहचाने जाते हैं।
बुशहरी टोपी - बुशहरी टोपी हिमाचल के रामपुर , बुशेहर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में टोपी का उपयोग काफी बढ़ गया, लगभग सभी लोगों ने उन्हें पहनने में गर्व महसूस किया। टोपी पहचानने के लिये निम्म दी तस्वीर देखें।
Bushhahri top

बुशहरी टोपी की मांग में राजनीतिकरण होने के बाद 80% की वृद्धि हुई है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार के रूप में हरे रंग वाले बुशहरी टोपी काफी मांग में हैं। ये टोपी विवाह और महत्वपुर्ण कार्यों में भी प्रमुख आकर्षण हैं।

किन्नौरी टोपी -  किन्नौरी टोपी को भी राजनीति का दर्जा दिया गया है क्योंकि इसे दो रंगों में लाल रंग और हरे रंग की पहचान की गई है। टोपी का हरी टोपी कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़ा हुआ है और लाल रंग रंगीन भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ा हुआ है।

हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह (CM Virbhadra Singh) हरी टोपी पहनने के लिए इस्तेमाल करते हैं। यह टोपी अस्तित्व में आया क्योंकि ठंडें क्षेत्र में ठंड व बर्फ की स्थिति से बचने के लिए अपने सिर को ढकने की जरूरत महसूस की। टोपी पश्मीना या ऊनी कपड़ा और रंगीन कपड़े से उसके सामने जो कि वर्तमान में आयात किया जाता है, से तैयार किया जाती है।

हिमाचल टोपी और अन्य शिल्प की मांग में वृद्धि के साथ, ये विभिन्न ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर ऑनलाइन और ऑफ़लाइन भी बेची जा रही हैं। यदि आप खरीदने के लिए तैयार हैं, तो आप उन्हें ऑनलाइन और ऑफ़लाइन खरीद सकते हैं

कोई बात नहीं है आप चाहे जो भी हिमाचली पहनिये, 
आपको हमेशा पहाड़ी के रूप में पहचाना जाएगा
तो एक हिमाचली होने पर गर्व करें ♥

हिमाचली टोपियां खरीदें ऑनलाइल - 
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www.imdishu.com यह भी एक हिमाचली वेबसाइट है जिसपर हर रोज़ कुछ नया पोस्ट किया जाता है इस वेबसाइट को बुकमार्क करना न भुलें और प्रतिदिन कुछ सीखें। 

आय एम दिशु टीम से जुड़े रहने के लिये हमारा ऑफिशल फेसबुक पेज़ लाइक व फ़ॉलो करें और हर रोज़ अपडेट्स पायें। 

हिमाचल से संबधित आर्टिकल : 
1. हिमाचल प्रदेश की संस्कृती और यहां के लोग - Lets Meet Our Himachali Culture And Their Peoples.
2. पहाड़ी भाषा में बनी सबसे फनी विडीयोस - Very Funny Himachali Vines Videos.
3. पहाड़ी लड़कों के बेहतरिन होने के 10 कारण - Uttrakhandi and Himachali.
4. धोबण - दर्द भरी दास्तान सुनाती कविता.
5. अजकला रे मुंडू - हिमाचली कविता.
6. हिमाचली जोक्स - Himachali Jokes & Funny.
7. हिमाचल के सभी ब्लॉगर्स की लिस्ट व जानकारी - All Himachali Bloggers List.
8. हिमाचल के 22 वर्षीय युवक ने बनायी शोशल मिडिया वेबसाइट - Sociork.
9. जैसमिन - अनकही कहानी Jasmine Chandla The Untold Story.
10. अतुल राजटा | हिमाचल के सुपरस्टार.

हिमाचल प्रदेश की संस्कृती और यहां के लोग - Lets Meet Our Himachali Culture And Their Peoples

Posted by : #PanwerDishu

इसकी सुंदरता इसके सादगी में झूठ

हिमाचली जातियां , लोग , भाषाएं , व्यवसाय
अपनी उम्र के पुराने परंपराओं और परंपराओं को बनाए रखना, हिमाचल प्रदेश के लोग अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने बदलते समय के साथ गति में रखते हुए नए प्रभावों को अपनाया है। जीवन के लिए उनका जुनून स्पष्ट रूप से उनके रंगीन कपड़े और अद्भुत उत्सवों में दर्शाता है। विविधता में एकता को दर्शाते हुए, हिमाचल प्रदेश एक ऐसा देश है जहां विभिन्न धर्मों का पालन किया जाता है और विभिन्न भाषाएं बोली जाती हैं। हिमाचल प्रदेश की संस्कृति की सुंदरता इसकी सादगी में है। सबसे अधिक बोली जाने वाली हिमाचल प्रदेश में भाषाओं में हिंदी, पंजाबी, पहाड़ी, डोगरी, कांगड़ी और किन्नौरी शामिल हैं। राज्य के अधिकांश लोग हिंदू हैं। अन्य निवासियों में बौद्ध शामिल हैं राज्य में कई हिंदू समुदाय जैसे ब्राह्मण, राजपूत, कन्नट, राती और कोली हैं। जनजातियों राज्य में रहने वाले में से कुछ गद्दी , किन्नर , गुज्जर, Pangawals और लाहुली हैं। हालांकि बकरी, भेड़ और अन्य पशुओं के पालन हिमाचल प्रदेश के लोगों की एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है, जनसंख्या के अधिकांश अस्तित्व के लिए कृषि पर निर्भर है।

हिमाचली त्योहार ( Himachali Festivals ) 
हिमाचल प्रदेश के मेले और त्योहारों का अपना अनूठा आकर्षण है। हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन, राज्य के मेलों और त्योहार भाग लेने वाले हैं। त्योहारी सीजन के दौरान, हिमाचल प्रदेश के लोग रंगीन कपड़े पहनते हैं और खुद को सुरुचिपूर्ण आभूषणों से सजाते हैं। यह भी ऐसा समय था जब लोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को व्यंजन करते थे। नृत्य और संगीत भी समारोह का एक हिस्सा हैं। हिमाचल में अधिकतर मनाये जाने वाले त्योहारों में कुल्लू दशहरा, शिवरात्रि मेला (मंडी), Shoolini मेला (सोलन), मिंजर मेला (चंबा), मणि महेश Chhari यात्रा (चंबा), रेणुका मेला (सिरमौर), वृजेशवरी मेला (कांगड़ा), मवेशी मेला, छःट महोत्सव और नवरात्रि त्योहार इत्यादि शामिल है। 

हिमाचली कपड़े ( Himachali Cloths ) 
यदि हम हिमाचल प्रदेश की हस्तकला टोकरी को खोलते हैं, तो रंगीन और सुंदर हस्तशिल्पों की एक किस्म का विस्तार होगा। पश्मीना शाल (Shawl) राज्य का एक हस्तकला है, जो दुनिया की प्रसिद्ध गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है। अन्य हस्तशिल्प आभूषण, कालीन, चमड़े के सामान, पेंटिंग, धातु के बर्तन और लकड़ी का सामान भी यहां पर बनाए जाते हैं।

हिमाचली नृत्य - संगीत ( Himachali Music And Dance) 
नृत्य और संगीत हिमाचल प्रदेश की संस्कृति का एक मोहक पहलू दर्शाता है। राज्य का हर उत्सव नृत्य और संगीत द्वारा चिह्नित है विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं के नृत्य रूप हैं, लेकिन लोक संगीत सभी हिमाचलियों में लोकप्रिय है। राज्य के लोकप्रिय नृत्य रूपों में रक्षज नृत्य, कयांग नृत्य, बकायंग नृत्य, रस नृत्य और झूर नृत्य हैं। हिमाचल के बिलासपुर जिले में गंम्भरी देवी का संगीत बहुत लोकप्रिय है , गंम्भरी देवी भी बिलासपुर , बंदला की रहने वाली थी। और उन्होने लोकगीतों को एक नयी उम्मीद दी थी , उन्होने जीवन भर संगीत नहीं छोड़ा और प्रदेश में लोकगीतों का प्रचार किया।

हिमाचली खान-पान (Himachali Food) 
हिमाचल प्रदेश की संस्कृति पर जानकारी अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के उल्लेख के बिना अधूरी है। हिमाचलियों के दिन के भोजन में आम तौर पर दालों, चावल, सब्जियां, चपाती और चटनी होते हैं, लेकिन साथ ही साथ उनके मेनू को गैर-व्यंजन व्यंजनों की तरफ झुकाया जाता है। हिमाचल प्रदेश की विशिष्टताओं से कुछ Pateer, Chouck, Bhagjery और चटनी टिल हैं। नास्स्त, एक मिठाई का डिश भी प्रसिद्ध है।
Pahadi culture , himachal pradesh

हिमाचल प्रदेश की यात्रा के दौरान हिमाचल प्रदेश की आकर्षक संस्कृति के विभिन्न रंगों में लथपथ हो जाओ!

हिमाचल प्रदेश में आने वाले सभी यात्रीयों व टुरिस्टर्स का यहां पर बड़े अच्छे तौर तरिकों से सम्मान किया जाता है, सारी दुनिया हिमाचल प्रदेश को देव भुमी  के नाम से भी जानते हैं क्योंकि यहां का शांतिप्रिय जीवन , देवताओं पर अटुट विशवास , आपसी भाईचारी ही यहां की शोभा और भी बढ़ा देता है। हर भारतीय चाहता है कि जीवन में एक ना एक बार हिमाचल घुमना। लेकिन कई लोग यहां की वादियों एंव पहाडों के डर से नहीं आते लेकिन उन्हे नहीं पता की हिमाचल एक सुंदर प्रदेश है यहां पर जो एक बार आ जाता है फिर दोबारा उसका मन नहीं करता वापिस जाने का , क्योंकि यहां कि सुंदरता हर किसी को मोह लेती है।

कृपया अपने सवालों व समस्याओं को कॉमेंट में बताएं अथवा हमें ई-मेल करें हमारी ई-मेल आईडी है Panwerdishu@gmail.com , आपकी हर मुमकिन मदद की जायेगी। जय हिमाचल । जय भारत। 

13/07/2017

सभी बेटियों को समर्पित - Respect Girls Please

दोस्तो आज समय बदल चुका है लेकिन कुछ लोगों की सोच अभी भी वहीं पर अटकी हुई है , इतिहास खोलकर देखा जाये तो पहले से ही बेटियों को बेटों के मुकाबले कम सम्मान दिया जाता था , लड़कियों को हमेशा ही लोग पराई चिज़ समझ के पालते है , सभी यही सोचते हैं कि लड़कियों को खुश रहने का कोई हक़ नहीं मगर एैसा नहीं है आपकी इस बात के खिलाफ आवाज़ उठानी होगी , और साबित करना होगा कि बेटियां बेटों से बढ़कर होती हैं। 


मगर उससे पहले एक कविता यह भी : 

बेटियों के हक़ में बहुत जायज़ ग़ज़ल..
दिल के बहलाने का सामान ना समझा जाये ,
मुझको अब इतना भी आसान न समझा जाये ,
मैं भी दुनिया की तरह जीने का हक चाहतीं हूँ ,
इसको गद्दारी का एलान न समझा जाये ,
अब तो बेटे भी चले जाते हैं होकर रुखसत ,
सिर्फ बेटी को ही मेहमान न समझा जाये।

यह सुंदर कविता सभी बेटियों को समर्पित - 

क्या सच में घर का श्रृंगार हैं बेटियां..?
फिर समाज में क्यों दिखती आज भी लाचार हैं बेटियां..?
माना कि पापा की लाडली , मम्मी की दुलारी हैं बेटियां,
पर सड़क पर आज भी वहशी दरिंदो की शिकार है बेटियां ।
नवरात्रों में देवी और घर की लक्ष्मी है बेटियां,
पर क्यों कोख में आज भी मार दी जाती है बेटियां
कहने को दो घरो की शान है बेटियां, पर सच इतना है कि अपने घर में भी मेहमान है बेटियां ।
खेल, शिक्षा हर जगह कमाती नाम हैं बेटियां,
पर समाज में आज भी गुमनाम है बेटियां
कन्हा ख़ुद के लिए जीती हैं बेटियां , घर समाज को संवार खुद को भूल जाती हैं बेटियां
कुछ पैसो के लिए आज भी बेच दी जाती हैं बेटियां ।
बेटो से आज कंहा कम है बेटियां, हर जगह नित नया आगाज़ है बेटियां
पर आज भी दहेज़ के लिये जला दी जाती हैं बेटियां
खुद को भूल दूसरों के लिए जीती है बेटियां,
माँ, बहन, और पत्नी कई रूपों में फर्ज निभाती हैं बेटियां
पर समाज में आज भी ठुकरा दी जाती हैं बेटियां 
खुद ही खुद से जंग लड़ आगे बढ़ रही है बेटियां
मतलब की इस दुनिया में प्यार सीखा रही हैं बेटियां,
दुनिया की इस भीड़ में अकेली ही चल रही है बेटियां,
पोस्टरों, भाषणों में ही बचा रहे हैं बेटियां,
वरना सच यह है कि कोख में मरवा रहे है बेटियां,
खुदगर्ज इस दुनियां में आज भी अस्तित्व की तलाश में भटक रही हैं बेटियां।

Credit : HimachaliKhajana

दोस्तों फैंसला आपको करना है , क्या अब भी आप नहीं समझेंगे ? क्या हिमाचल में हुई एक मासुम की हत्या से अब भी कोई नहीं बदलेगा ? क्या यहां पर इंसानियत खत्म हो चुकी है ? जो भी हो रहा है गलत हो रहा है , हमारा हिमाचल सबसे अच्छा राज्य था लेकिन कुछ पापियों की वजह से हिमाचल का नाम बदनाम हो रहा है कृपया सोच बदलो , लड़कियों को अच्छी नज़र से देखिये। हम मजबुर है लिखने के लिये क्योंकि हमें हिमाचल से प्यार है हम हर हालात में हिमाचल को खुशहाल देखना चाहते हैं लेकिन अगर यही हाल रहा तो हमारा हिमाचल कभी खुशहाल नहीं रह सकेगा। मैं आप लोगों से गुज़ारिश करता हुं कि आप अपने साथ साथ दुसरों को भी बदलिये और अपने से छोटों को अच्छी बातें सिखाइए। जो भी हो फैंसला आपको करना है।
कृपया अपनी राय हमें हमारी ई-मेल आईडी पर भेजें , और यदि आपके पास कोई लेख , शायरी , कविता , कहानी , जोक्स आदि है जिसे आप हमसे बांटना चाहते हैं तो कृपया ई-मेल पर भेजें हमारी ई-मेल आईडी है - Panwerdishu@gmail.com और हमारा फेसबुक पेज़ लाईक करके हमसे जुड़ें : 

हाल ही में अपडेट हुए कुछ आर्टीकल जरुर पढ़ें - 
1. पहाड़ी भाषा में बनी सबसे फनी विडीयोस - Very Funny Himachali Vines Videos.
2. कैप्टन भगत राम गर्ग - भारत देश के रक्षक & लेखक - हिमाचल.
3. अनुप आर्यन जैसे लोग रचते है इतिहास.
4. पहाड़ी लड़कों के बेहतरिन होने के 10 कारण - Uttrakhandi and Himachali.
5. महाकाल बाबा - शायरी कॉलेक्शन.
6. धोबण - दर्द भरी दास्तान सुनाती कविता.
7. हिमाचली जोक्स - Himachali Jokes & Funny.
8. जैसमिन - अनकही कहानी Jasmine Chandla The Untold Story

12/07/2017

पहाड़ी भाषा में बनी सबसे फनी विडीयोस - Very Funny Himachali Vines Videos

हैल्लो , शुभ प्रभात दोस्तो। आज आपका दिन अच्छा बिते इसलिये आज हम आप के लिये कुछ विडियो लेकर आये है जिनमे पहाड़ी भाषा (हिमाचली) में कॉमेडी की गयी है। इन विडियो का मकस्द लोगों को हंसाना है तो क्यों न इन्हे देखकर अपनी सारी परेशानियों को भुला लिया जाये। यह सभी विडियो युट्युब से ली गयी है। और इन्हे ज्यादा से ज्यादा शेअर करें ताकि हिमाचली भाषा पुरे भारत में पहुंचे , कुछ राज्य एैसे है जहां पर हिन्दी बोलते है मगर लोगो को हिमाचली भाषा भी पसंद है तो ये खासकर उन लोगों के लिये है जो हिमाचल से बाहर रह रहें है और हिमाचली भाषा सुनना चाहते हैं , तो चलिये शुरुआत करते हैं 


यह विडियो आपको बतायेगी की जब कोई हिमाचली मम्मी रिलांयस कस्टमर केअर में कॉल करती है तो क्या कहती है। आपको जरुर अच्छी लगेगी विडियो। 





यह विडियो इस लिये बनाई गयी है ताकि लोगों को पता चल सके की इंजीनियरिंग के बाद क्या होता है। 😀



इस विडियो में हिमाचल को सभी राज्यों से अलग बताया गया है , इसमें कुछ चिज़ें आप एैसी देखेंगे जो सिर्फ हिमाचल में ही हो सकती है। 😀




यह भी इंजीनियरिंग से संबधित फनी विडियो है जो पहाड़ी भाषा में हैं आशा करते हैं इंजीनियरिंग कर रहे छात्रों को ये पसंद आयेगी।



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हिमाचली लोगों के लिये कुछ चुनिंदा आर्टीकल - 
1. जैसमिन - अनकही कहानी Jasmine Chandla The Untold Story.
2. हिमाचल के 22 वर्षीय युवक ने बनायी शोशल मिडिया वेबसाइट - Sociork.
3. हिमाचल के सभी बलौगर्स की लिस्ट व जानकारी - All HP Bloggers List.
4. पहाड़ी लड़कों के बेहतरिन होने के 10 कारण - Uttrakhandi and Himachali.
5. धोबण - दर्द भरी दास्तान सुनाती कविता.
6. मोहित चौहान - जीवन परिचय अपने अंदाज़ में - Mohit Chouhan.
7. अजकला रे मुंडू - हिमाचली कविता.
8. हिमाचली जोक्स - Himachali Jokes & Funny.
9. अतुल राजटा | हिमाचल के सुपरस्टार.
10. प्रीत पाल भट्ट जैसे सींगर है मांगल की धरोहर.
11. How to contact with Hansraj raghuwanshi [ Himachali Singer ].
12. Himachal Ke Bare Me Kuch Mazedar Baaten - हिमाचल के बारे में कुछ मज़ेदार बातें

07/07/2017

पहाड़ी लड़कों के बेहतरिन होने के 10 कारण - Uttrakhandi and Himachali

उत्तर प्रदेश में पैदा होने और भारत के कई हिस्सों का दौरा करने के बाद मैं गर्व से कह सकता हूं कि पहड़ी लड़के पूरे भारत में सबसे अच्छे हैं। 'पहाड़ी' हिमाचल प्रदेश और कुमाऊं और उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के मूल लोगों के लिए इस्तेमाल एक सामान्य शब्द है। ये कारण हैं कि क्यों पहाड़ी लड़कों को भारत में सर्वश्रेष्ठ (Best) माना जा सकता है. - Panwer Dishu

पहाड़ी लड़कों के बेस्ट होने के 10 कारण निम्नलिखित है -

1. उन्हें पता हैं कि महिलाओं से कैसे व्यवहार करना चाहिए -

किसी भी समाज में महिलाओं की स्थिति उस विशेष क्षेत्र की संस्कृति पर निर्भर करती है। पहाड़ी में उत्तराखंड और हिमाचल के क्षेत्रों में न केवल पुरुषों के समान महिलाएं हैं, बल्कि पुरुषों की तुलना में वे एक कदम आगे हैं। इसलिए सांस्कृतिक विचारधारा के कारण, पहडि लड़कों ने खुद को महिलाओं से बेहतर नहीं माना और उन्हें पता चला कि उनके साथ कैसे व्यवहार किया जाए और उनका सम्मान करें. यही हिमाचल और उत्तराखंड़ के लड़के करते हैं , यहां के लड़के सभी लड़कियों कि इज्जत करते हैं एंव उन्हे अपने सम्मान देते हैं।

2. सैनिक बनने की आकांक्षाएं ( Aspirations of becoming Soldiers) -
How pahadies are born handsome and cool boys in hindi

पहाड़ी लड़के सेना में शामिल होने और भारत माँ की सेवा के करने के एक बड़े सपने के साथ बड़े होते हैं। लगभग हर दूसरा पहाड़ी लड़के सेना में शामिल होना चाहता है। उत्तराखंड में आईएमए कैडेटों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या भी है, जबकि इसकी एक करोड़ जनसंख्या है। यदि अपने क्षेत्र की बात करुं तो यहां से 20+ लड़के भारतीय सेना में हैं।

3. वह शांत और विनम्र होते हैं - 

पहाड़ी लड़के बहुत शांत और विनम्र होते हैं वे झगड़े में आसानी से नहीं मिलते एंव पहाड़ी कॉलेजों में किसी भी तरह के हिंसक संघर्ष का पता लगाना बहुत ही दुर्लभ है। यही कारण है कि पहाड़ों में स्कूलों और कॉलेजों को इस शांतिपूर्ण वातावरण में शिक्षित करने के लिए लोगों को आकर्षित करते हैं।

4. पहाड़ी पैदा ही खुबसुरत होते हैं - 
Pahadi guys best kyu hote hai

ज्यादातर पहाड़ी लड़के जन्म से सुंदर हैं। बहुत बड़ी संख्या में पहाड़ी लड़कों में आकर्षक आँखें और चमकती त्वचा है लेकिन यह भी अपवाद हैं। लगभग सभी पहाड़ी लड़के अच्छे है वे अन्य राज्यों के लोगों की तरह त्वचा पर पागल नहीं होते हैं।

5. वह मदद करने वाले व देखभाल करने वाले होते हैं -

पहाड़ियों में सार्वजनिक परिवहन की यात्रा करते समय आसानी से पता चलता है कि कैसे पहाड़ी लड़कों ने महिलाओं और पुराने नागरिकों के लिए अपनी सीटों की पेशकश की है। वे हमेशा पुराने नागरिकों को अपना सामान व्यवस्थित करने में मदद करने के लिए आगे आते हैं। फिर कुछ अपवाद भी देखा जा सकता है।

6. जन्म से ही बेहद फेशनेबल होना - 

प्रत्येक पहाड़ी लड़का फैशनेबल है प्रकृति ने उन्हें ऐसे तरीके से बनाया है कि जो भी वे पहनते हैं वे उसमे तेजस्वी लगते हैं। वे रंगीन कायरता कपड़े पहनते हैं और वे औपचारिक पहनते हैं, हर पोशाक उन्हें सूट करते हैं। यहां तक ​​कि पहाड़ियों के गांव लड़के भी बेहतर दिखते हैं और भारत में तथाकथित बड़े शहरों के नागरिकों की तुलना में बेहतर ड्रेसिंग भावना है।

7. अधिक टैलेंट -

इसमें कोई शक नहीं की किसी पहाड़ी लड़के में कोई टैलेंट नहीं हैं। यदि आप उत्तराखंड में पढ़ रहे हैं तो आपके कुछ सहयोगियों, मॉडलों, गिटारवादियों और कलाकारों को आपके सहपाठियों के रूप में मिलेंगे। हालांकि पहाड़ी जनसंख्या में बहुत कम है, लेकिन वे प्रत्येक क्षेत्र में कमाल कर रहे हैं।

8. मासुम चेहरा - 

 पहाड़ी लड़कों का चेहरा प्यारा और मासुम होता है और हमेशा एक भालु की तरह निर्दोष दिखते है। आपको कभी भी कठोर स्वर में बोलने और गलत भाषा का इस्तेमाल करने वाले पहाड़ी लड़के नहीं मिलेगें।

9. बेहतर हेअरस्टाइल - 

बड़े शहरों और अन्य क्षेत्रों के लड़के अपने बाल पर बहुत खर्च करते हैं और आकर्षक दिखने के लिए विभिन्न शैलियों का प्रयोग करते हैं। लेकिन पहाड़ी के लड़के को अतिरिक्त प्रयास करने की ज़रूरत नहीं है। उनके जन्म के कारण स्वाभाविक रूप से बालों में बाल हैं। लगभग हर पहाड़ी अपना अच्छा हेअरस्टाइल बनाता है।

10. प्राकृतिक रुप से बेहतर दिखते हैं - 
पहाड़ी लड़के कभी जीम (Gym) नहीं जाते लेकिन उनके पास एक बेहतरिन शरीर होता है जिससे वे किसी भी युरोपियन मॉडल को भी मात दे सकते है ।

यदि आप इस पोस्ट से संतुष्ट हैं तो कृपया हमें ई-मेल द्वारा भी बताएं ताकि हम अगली बार आपके लिये इससे भी अच्छी पोस्ट ला सके , हमारी ई-मेल आईडी है Panwerdishu@gmail.com और आप हमसे फेसबुक पर जुड़ने के लिये हमारा फेसबुक पेज़ लाईक कर सकते हैं। इस वेबसाइट पर हर रोज़ नयी चीजें पढ़े व सीखें। 

06/07/2017

धोबण - दर्द भरी दास्तान सुनाती कविता

युं तो हिमाचल बेहद ख़ुबसुरत है लेकिन इसमें दबी कुछ कहानियां इतनी ही दर्दनाक है हिमाचल का एक प्रसिद्ध गीत "धोबन" जो आज हम आपको सुना रहे है शायद इसे सुनकर आपका भी दिल नम हो जाये व हिमाचल की संस्कृती से अधिक लगाव हो जाये ।


काला घगरा सियाई के, ओ धोबण पाणीये जो चल्ली है मैं तेरी सो. णा
मत जांदी धोबणे तू मेरिये ओथु राजेयाँ डा डेरा है मैं तेरी सो.
धोबणे घड़ा सिरे चुकया धोबण पानीये जो गयी है मैं तेरी सो.
पहलिया पोडिया उत्तरी, राजे गिट्टूये दी मारी है मैं तेरी सो.
दूजिया पोडिया उत्तरी ओ राजें बांह फड लई है मैं तेरी सो
छड़ी देयां राजेंया बाईं जो, ओ मेरी जात कमीनी है मैं तेरी सो.
जाती दा मैं क्या करना ओ तेरी सूरत बड़ी सोणी है मैं तेरी सो.
आगे आगे राजा चल्या पीछे धोबणी दा डोला है मैं तेरी सो.
खबर करो महलां रानिया तेरी सोतन भी आई है मैं तेरी सो.
आई है ता ओणा दे मैं भी बसणा दी है मैं तेरी सो
अपु बैठी रानी पलगें धोबण पन्दी पर बिठाई है मैं तेरी सो.
कालियां पिन्नियां बणाइयां बिच जहर मिलाया है मैं तेरी सो.
खाई लेयां धोबणे तू पिन्नियां' बाजी प्योकियाँ ते आई है मैं तेरी सो.
पहली पीनी खायी है धोबणी ओ धोबण मूंदे मुन्हे पयी है मैं तेरी सो.
दूजी पिन्नी खायी है धोबणी, धोबण मरी मुक्की गयी है मैं तेरी सो.
चन्नणे दी सेज बनाई के धोबण नदिया रड़ाई है मैं तेरी सो.
आगे धोभी कपडेयां धोम्दा' पासे सेज रूडदी आई है मैं तेरी सो.
सेज गुआडी करी दिखया मेरी धोबन रूडदी आई है मैं तेरी सो.
सोनी सूरत वालिये कजो जान गुआई है मैं तेरी सो।

कविता साभारKavitaKosh
इस बेहद सुंदर संग्रह के लिये हम कविता कोश का तह ए दिल से शुक्रिया अदा करते है।

न जाने कितनी ही एैसी हिमाचली कविताएं जिनके हर शब्द अपनी कहानियां बयान करते हैं दफन है , लेकिन आय एम दिशु टीम का सदा यही प्रयास रहा है कि हिमाचली संस्कृति को सबके सामने लाया जाये व सभी को हिमाचली साहित्य से मिलवाया जाये , जाने किसने यह कविता लिखी होगी वर्तमान में तो कई लोग इसे अपनी रचना बताते है मगर यह कविता किसी और का ही जिक्र करती है जो अपना नाम दुनिया से छुपाना चाहता था मगर कहानी नहीं । तो चलिये हम आगे भी युं ही आपको नयी नयी बातें बताते रहेंगे और आपको युं ही हिमाचली संस्कृतियों से मिलवाते रहेंगे। हमसे जुड़ने के लिये हमारा फेसबुक पेज़ लाइक करें।

मोहित चौहान - जीवन परिचय अपने अंदाज़ में - Mohit Chouhan

यदि आप हिमाचल से है तो ज़ाहिर सी बात है आप मोहित चौहान को भी जानते होंगे , और इतना भी जानते होंगे कि वह आज सफल गायक के रुप में भी जाने जाते हैं तो आज उनके बारे कुछ बातें बताने वाले है जो शायद ही आप जानते हों , यह पोस्ट खासकर उन लोगो के लिये हैं जो इतना भी नहीं जानते कि मोहित चौहान हिमाचल से हैं।


मोहित चौहान
मोहित चौहान पार्श्व गायक ( Playback Singer) हैं व हिमाचल के सिरमौर जिले के रहने वाले हैं , और अपनी पढ़ाई पुरी करके वह दिल्ली चले गये जहां उन्होंने सिल्क रुट (Silk Root) नाम का बैंड बनाया , और संगीत की दुनिया में पहला कदम रख दिया , इस बैंड में शामिल थे मोहित चौहान (Lead Guitar , Backing Guitars ) अतुल मित्तल (Lead Guitar , Clarinet And Backing Vocals) केम त्रिवेदी ( Keyboardist) और कैनी पुरी ( Percussion And Drummer).
सन् 1996 में इस बैंड द्वारा पहली संगीत एलबम (Music Album) रिलिज़ की गयी जिसका नाम था " बुंद " और इसी एलबम का एक गाना डुबा डुबा काफी पॉपुलर हुआ । एंव सन् 2000 में इनकी एक और एलबम आई जिसका नाम " पहचान" था।

जन्म व शिक्षा
मोहित जी का जन्म 11 मार्च 1966 को सिरमौर , हिमाचल में हुआ एंव उनकी पढ़ाई संत जेवयर्स स्कुल (दिल्ली) में हुई व धर्मशाला कॉलेज से मास्टर ऑफ सांइस इन जीओलॉजी की डिग्री प्राप्त की। इसी के बाद उन्होने 1996 में दिल्ली में जाकर सिल्क बैंड बनाया।

बौलीवुड़ में पहला गीत 
मोहित जी ने रामगोपाल की फिल्म रोड़ (Road) में " पहली नज़र में ड़री थी" गाना गाया था जो एक हिट फिल्म में शुरुआत थी। इस के बाद मोहित का परिचय दुनिया से हुआ और अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते गये।

फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार (Filmfare Best Playback Singer Award) 
मोहित चौहान को दो बार फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  यह बड़े सोभाग्य की बात है कि एैसे महान् गायक ने हिमाचल में जन्म लिया व हिमाचल की शोभा बढाई।

सन् 2016 में पछ़ाडा 25 देशों के गायकों को 
सन् 2016 में जर्मनी में आयोजित डंफ-बामा म्यूजिक अवार्ड-2016 (बेस्ट एप्पल म्यूजिक अवार्ड) में मोहित चौहान को दो म्युज़िक अवार्ड मिले , एक Best Male Act एंव International Male Act अवार्ड लेकर मोहित में विश्व के 25 देशों को पछाड़ा था। 

तो क्या आपको मोहित चौहान जी का परिचय मिल गया ? क्या आपने उनसे कुछ नया सीखा ? उन्हे तो सफल होना ही था पर हम भी सफल हो सकते है यदि हम उनकी ज़िदगी पर गौर करे व उनसे कुछ सीखे , और हां यदि आपके पास मोहित चौहान से जुड़ी कोई जानकारी है जो आप हमें देना चाहते है तो हमसे संम्पर्क करें। Panwerdishu@gmail.com

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